लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) की जगह लाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी तथा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. कांग्रेस नेता ने लोगों का आह्वान किया कि वे सरकार के इस कदम के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों.
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि, मनरेगा लोगों की आवाज और उनके अधिकारों का प्रतिनिधित्व करता है और कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर मरने नहीं देगी.
यहां जवाहर भवन में राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में राहुल गांधी ने कहा कि, मनरेगा ने गरीबों को अधिकार दिए हैं. उन्होंने कहा कि, इसके पीछे सोच यह थी कि जिसे काम की जरूरत हो, वह सम्मान के साथ काम की मांग कर सके. इसमें लोगों की आवाज थी, उनके अधिकार थे, जिसे नरेंद्र मोदी अब खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं.
तीन कृषि कानूनों को याद करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि, इससे पहले मोदी सरकार किसानों के खिलाफ काले कानून लाई थी, जिसे किसान रोकने में कामयाब रहे. उन्होंने कहा कि, किसानों के साथ जो अन्याय हुआ, वही अब मजदूरों के साथ हो रहा है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने नए कानून का जिक्र करते हुए कहा कि, मजदूरों पर भी इसी तरह के हमले की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि, दिल्ली में केंद्र सरकार तय करेगी कि किस राज्य को कितना पैसा भेजना है. भाजपा शासित राज्यों को ज्यादा पैसा जाएगा और विपक्ष शासित राज्यों को कम.
उन्होंने दावा किया कि केंद्र ही तय करेगा कि काम कब और कहां होगा, और एक मजदूर को कितनी मजदूरी मिलेगी, और मजदूरों के जो अधिकार थे, वे अब ठेकेदारों को मिल जाएंगे. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सोच यह है कि देश की दौलत और संपत्ति कुछ चुने हुए लोगों के हाथ में होनी चाहिए, और वही लोग देश चलाएं.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, भाजपा चाहती है कि देश से लोकतंत्र, संविधान और ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ की अवधारणा (कॉन्सेप्ट) खत्म हो जाए. उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि, ये लोग आजादी से पहले का भारत वापस लाना चाहते हैं. उन्हें रोकने के लिए हम सबको एक साथ खड़ा होना होगा.
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “जिस दिन हम सब एक साथ आ जाएंगे, उस दिन नरेंद्र मोदी को पीछे हटना पड़ेगा, और मनरेगा (MGNREGA) फिर से शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि, हम किसी भी कीमत पर मनरेगा को खत्म नहीं होने देंगे.
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, मनरेगा को खत्म करना सिर्फ कमजोर तबकों पर हमला नहीं है. यह महात्मा गांधी को लोगों की याद से मिटाने और ग्राम स्वराज के विजन पर हमला करने की साजिश है. भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब किसी पार्टी ने महात्मा गांधी के नाम पर बनी किसी स्कीम से उनका नाम हटाने की हिम्मत की है. देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा, मनरेगा ने लोगों को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी दी थी, जिसे अब खत्म किया जा रहा है. हमें मनरेगा और काम के अधिकार को बचाने के लिए लड़ना होगा.
