लंबे इंतजार के बाद देवभूमि के मौसम ने आखिरकार अपना मिजाज बदल लिया है. चमोली जिले में स्थित भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम में बर्फबारी शुरू हो गई है. बदरीनाथ में बर्फबारी के बाद यहां की पहाड़ियां चांदी सी चमक उठी हैं. पूरी घाटी ने सफेद चादर ओढ़ ली है. अचानक आए इस बदलाव के कारण बदरीनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है.
बर्फबारी के बाद स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुये हैं. बदरीनाथ धाम में बर्फबारी के बाद तापमान भी माइनस में पहुंच गया है. बदरीनाथ के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी भी बर्फ से लकदक हो गई है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद निचले इलाकों में भी ठंड बढ़ गई है. लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते देखे जा सकते हैं.
पिछले करीब तीन महीनों से सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे पहाड़ों में इस बर्फबारी ने जहां स्थानीय लोगों और काश्तकारों के चेहरे पर खुशी ला दी है, वहीं तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान एक बार फिर सटीक साबित हुआ है. विभाग ने 23 और 24 जनवरी को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की थी. शुक्रवार सुबह से ही चमोली जिले के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में घने बादल छाए रहे. जिसके बाद बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया. निचले इलाकों में भी रुक-रुक कर हो रही बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है.
लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सूखी ठंड का प्रकोप था, जिससे खेती और बागवानी पर संकट मंडरा रहा था. अब इस बर्फबारी से न केवल सेब के बगीचों को संजीवनी मिली है, बल्कि ग्लेशियरों के रिचार्ज होने की उम्मीद भी जग गई है.
